गुरुवार, 25 जून 2009

मुश्किल है अपना मेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये
ये प्यार नही है खेल प्रिये

तुम ऍम ऐ फर्स्ट डिविजन हो , मैं हुआ मैट्रिक फ़ैल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

तुम फौजी अफसर की बेटी मैं तो किसान का बेटा हूँ
तुम राबड़ी खीर मलाई हो मैं तो सत्तू सपरेटा हूँ
तुम ऐ सी घर में रहती हो मैं पेड़ के नीचे लेटा हूँ
तुम नई मर्सडीज़ लगती हो मैं स्कूटर lamretaa हूँ

इस तरह अगर हम चुप चुप कर आपस में प्रेम बढायेंगे
तो एक रोज तेरे dady अमरीश पुरी बन जायेंगे
सब हड्डी पसली तोड़ मेरी भिजवा देंगे वो जेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

तुम अरब देश की घोडी हो मैं हूँ गधे की नाल प्रिये
तुम दीवाली का बोनस हो मैं भूखों की हडताल प्रिये
तुम हीरे जडी तस्तरी हो मैं अलमुनियम का थाल प्रिये
तुम चिकन सूप बिरयानी हो मैं कंकड़ बाली दाल प्रिये
तुम हिरन चौकडी भरती हो मैं हूँ कछुए की चाल प्रिये
तुम चंदन वन की लकड़ी हो मैं हूँ बबूल की छाल प्रिये
मैं पके आम सा लटका हूँ मत मरो मुझे गुलेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

मैं शनि देव जैसा कुरूप तुम कोमल कंचन काया हो
मैं तो कांशी राम जैसा तुम महा चंचला माया हो
तुम निर्मल पावन गंगा हो मैं जलता हुआ पतंगा हूँ
तुम राज घाट का शान्ति मार्च मैं हिंदू मुस्लिम दंगा हूँ
तुम हो पूनम का ताजमहल मैं काली गुफा अजंता की
तुम हो वरदान विधाता का मैं गलती हूँ भगवंता की

तुम जेट विमान की सोभा जो मैं बस के ठेलम ठेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

तुम नई विदेशी मिक्सी हो मैं पत्थर का सिल बट्टा हूँ
तूम ए के ४७ जैसी मैं तो एक देसी कट्टा हूँ
तुम चतुर राबड़ी देवी सी मैं भोला भाला लालू हूँ
तुम मुक्त शेरनी जंगल की मैं चिडिया घर का भालू हूँ
तुम ब्यस्त सोनिया गाँधी सी मैं अडवानी सा खाली हूँ
तुम हँसी माधुरी दीक्षित की मैं पुलिस मेन की गाली हूँ


कल जेल अगर हो जाए तो दिलवा देना तुम बेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये


मैं ढावे के ढाँचे जैसा
तुम पाच सितारा होटल हो
मैं महुए का देसी ठर्रा तुम रेड लेबल की बोटेल हो
तुम चित्रहार का मधुर गीत मैं कृषि दर्शन की झाडी हूँ
तुम विश्व सुन्दरी सी कमाल मैं ठिलिया छाप कबाडी हूँ

तुम सोनी का मोबाइल हो मैं टेलीफोन वाला चोंगा
तुम मछली मान सरोवर की मैं सागर तट का हूँ घोंगा

दस मंजिल से गिर जाउंगा मत आगे मुझे धकेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

तुम सत्ता की महारानी हो मैं विपछ की लाचारी हूँ
तुम हो ममता जयललिता सी मैं कुवारा अटल बिहारी हूँ
तुम तेंदुलकर का सतक प्रिये मैं फालो आन की पारी हूँ
तुम गेट्स मटीज कोरोला हो मैं तो लीलेंड की लारी हूँ
मुझको रेफरी ही रहने दो मत खेलो मुझसे खेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये

मैं सोच रहा की रहे हैं कबसे श्रोता मुझको झेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये ,ये प्यार नही है खेल प्रिये








कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें